शराब नहीं पीते, फिर भी लिवर क्यों हो रहा खराब?

World Liver Day 2023

पहले ऐसा माना जाता था कि लिवर से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां शराब की वजह से होती हैं. 

लेकिन नॉन-अल्कोहल फैटी लीवर डिसीस, हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसे रोग अब लोगों को पहले से कहीं अधिक प्रभावित कर रहे हैं 

जिसकी बड़ी वजह खराब खानपान और जीवनशैली हैI जिनकी वजह से आपका लिवर शराब को हाथ लगाए बिना भी सड़ सकता है.

नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीस खराब खान-पान और बिगड़े रूटीन से जुड़ी बीमारियां हैं जो भारतीय आबादी को तेजी से लिवर का रोगी बना रही हैं. 

अगर आपका वजन ज्यादा है तो आपको ये बीमारी होने की ज्यादा संभावना है. ''जैसे-जैसे मोटापा बढ़ता है, वैसे ही लिवर में फैट बढ़ने लगता है. पिछले 10-15 सालों में नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीस तेजी से बढ़ी हैं. 

नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर (fatty liver) डिजीज के मुख्य कारण हाई कोलेस्ट्रॉल, हाईपरटेंशन और ट्राईग्लिसराइड्स और डायबिटीज जैसी बीमारियां भी हैं. 

इसके अलावा अधिक कार्बोहाइड्रेट, अधिक फैट, जंक फूड, कार्बोनेटेड पेय के सेवन से फैटी लिवर होने का खतरा अधिक होता है. 

आलस भरी जीवनशैली और फिजिकल एक्टिविटी में कमी लिवर की सेहत पर बुरा प्रभाव डालती है. आज की लाइफस्टाइल में सबकुछ ऑनलाइन हो चुका है. 

अगर आप एक्टिव नहीं हैं तो आप फैटी लिवर के साथ ही डायबिटीज और हार्ट डिसीस जैसी कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं. हेल्दी लाइफ जीने के लिए अपने बॉडी मास इंडेक्स का ध्यान रखना भी जरूरी है.

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